स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण से दम तोड़ने वाले मरीजों का डेथ-ऑडिट किया। 17 सितंबर से 21 अक्टूबर के बीच 188 मरीजों की मौत हुई, जिनमें से 12 केस पर बात हुई। इनमें से 85 प्रतिशत ऐसे थे, जिन्हें पूर्व से ही कोई न कोई बीमारी थी। इनमें भी 8 मरीज ऐसे थे, जो सिर्फ एक ही दिन अस्पताल में भर्ती रहे।
समिति ने माना है कि मरीज घर पर इलाज करवा रहे हैं और गंभीर होने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह भी हो सकता है कि मरीज को कोरोना के साथ स्वाइन फ्लू का भी संक्रमण हो, इसलिए अब दोनों प्रकार की जांच करवाई जाना चाहिए। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जब मरीज ने निजी लैब में जांच करवाई और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सीधे अस्पताल में भर्ती हो गए।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38bm6dC November 05, 2020 at 05:31AM https://ift.tt/1PKwoAf



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