इंदौर वन मंडल के महू-मानपुर रेंज के एसडीओ को हाई कोर्ट में जानकारी छुपाना भारी पड़ गया। सरकार ने एसडीओ का ट्रांसफर देवास वनमंडल कर दिया था। एसडीओ ने ट्रांसफर पर रोक के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया था, लेकिन सरकार ने कोर्ट में बताया कि एसडीओ ने एक आपराधिक मामले की जानकारी कोर्ट से छुपाई है। इस पर कोर्ट ने स्थगन निरस्त करके 10 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई। एसडीओ एके अवस्थी का ट्रांसफर कुछ महीने पहले किया गया था।
उन्होंने जॉइन करने से पहले ही स्थगन ले लिया था। पिछले दिनों स्थगन आदेश पर सुनवाई हुई तो कोर्ट को बताया कि एसडीओ के खिलाफ उन्हीं के मातहत ने केस दर्ज कराया था। इस मामले की अभी जांच चल रही है। इस तथ्य की जानकारी एसडीओ ने जानबूझकर कोर्ट से छुपाई है, जबकि स्थगन आदेेश में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी देना होती है।
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 10 हजार की कॉस्ट लगाते हुए स्थगन निरस्त कर दिया।
इस बीच शासन ने हाई कोर्ट में कैविएट ही दायर की, ताकि स्थगन और कॉस्ट पर एसडीओ एकतरफा आदेश हासिल न कर लें। उल्लेखनीय है पिछले महीने एसडीओ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। घंटों थाने में बैठाए रखा था। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना उन्होंने नहीं दी थी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34Vexpt November 05, 2020 at 05:31AM https://ift.tt/1PKwoAf



0 Comments