पिछले साल खरीफ की फसल को हुए नुकसान का फसल बीमा 1 साल बाद मिलना है। लेकिन बीमा कंपनी की सूची में जिले के कई किसान तो ऐसे हैं जिन्हें 100 रुपए से कम क्लेम राशि अकाउंट में आएगी। इससे किसानों में नाराजगी है। इधर कृषि विभाग इतनी कम राशि को सूची में त्रुटि होना बता रहा है।
सीएम शिवराज सिंह ने सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के अकाउंट में राशि डालना शुरू की है। रतलाम कलेक्ट्रेट में हुए कार्यक्रम में फसल बीमा भुगतान के प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। 1,00212 किसानों को 282 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम जारी होना है लेकिन किसान अब सूची में नाम देख रहे हैं तो उन्हें पता चल रहा है कि जितना नुकसान हुआ उतना क्लेम नहीं मिला।
सिर्फ 43 रुपए क्लेम आया
नलकुई के किसान जगन्नाथ डामर को 43 रुपए क्लेम मिला है। जबकि उन्हें इससे ज्यादा का नुकसान हुआ है। किसान का कहना है कि पिछले साल सोयाबीन की 5 बीघा की फसल बर्बाद हो गई थी लेकिन सर्वे के लिए बाद में टीम आई। सिर्फ 43 रुपए क्लेम मिला है। इससे तो देना ही नहीं था।
सिर्फ 87 रुपए का क्लेम आया
किसान प्रहलाद पाटीदार को 87 रुपए फसल बीमा का क्लेम आया है। उन्होंने बताया कि 7 बीघा में सोयाबीन लगाई थी। पिछले साल कटाई के दौरान हुई बारिश से बहुत नुकसान हुआ है। बीमा कंपनी को नुकसान की जानकारी भी दी। बावजूद क्लेम जितना नुकसान हुआ उतना नहीं मिल पाया।
174 रुपए का क्लेम
किसान सरवन पाटीदार की सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई थी। लेकिन उन्हें नुकसानी के एवज में 174 रुपए का क्लेम ही मिलेगा। वे बताते हैं कि सरकार इतना मुआवजा देकर आखिर चाहती क्या है।
किसानों के साथ धोखा हुआ है : भाकिसं जिलाध्यक्ष ललित पालीवाल बताते हैं कि बीमा कंपनी और कृषि विभाग के दल सर्वे के लिए आए। लेकिन इतनी देर से आए कि कई किसानों ने तो अगली फसल की तैयारी के लिए खेत की हकाई कर दी थी। हैरानी है कि किसानों को 100 रुपए से कम मुआवजा मिला है। यह धोखा हुआ है।
फाइनल सूची नहीं : कृषि विभाग के उपसंचालक जीएस मोहनिया ने बताया सूची में त्रुटियां हैं। कंपनी वाले से बात हुई है उन्होंने कहा यह फाइनल सूची नहीं है। 2 से 3 दिन में फाइनल सूची जारी होगी।
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