शासकीय अस्पताल में स्टाफ की कमी अस्पताल में पदस्थ स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। वहां पदस्थ स्टाफ पर प्रभावी अंकुश ना होने के कारण कुछ लोग अस्पताल से ड्यूटी टाइम में भी लापता रहते हैं। डाॅक्टरों की कमी के चलते लोगों को परेशानी होती है। वरिष्ठ अधिवक्ता असीम मौर्य ने बताया हाल ही में वे एक रात अपने रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचे। ड्यूटी पर कोई भी डाॅक्टर नहीं था।
अस्पताल में कोई बताने के लिए तैयार नहीं था कि मरीज को कौन अटेंड करेगा। पचमढ़ी रोड निवासी राजेंद्र सोनिया, बलराम दाहिया ने कहा हर बार डाॅक्टर नहीं है कहकर बात खत्म कर दी जाती है। अस्पताल को डाॅक्टर उपलब्ध कराना किसकी जबाबदारी है उसे यह काम करना चाहिए। अस्पताल के मेन गेट पर लोगों की सुविधा के लिए एक ड्यूटी बोर्ड लगाया गया है, लेकिन उस पर कोई एंट्री नहीं की जाती। लोगो को पता ही नहीं चलता कि कब किसकी ड्यूटी है। कुछ लोग अस्पताल केवल हस्ताक्षर करने के लिए आते हैं।
अस्पताल आए लोगों को डाॅक्टर नहीं मिलते और पता भी नहीं चलता कि किस डाॅक्टर की ड्यूटी है। नर्सिंग रूम और इंजेक्शन वाले कक्ष में स्टाफ मिलता है, लेकिन बाकी का स्टाफ कहां हैं इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अस्पताल में जिस स्टाफ की ड्यूटी है उनकी जानकारी सार्वजनिक होना चाहिए। जानबूझकर ड्यूटी बोर्ड को खाली रखा जाता है। इस बारे में बीएमओ डॉ. एके अग्रवाल ने कहा कि ड्यूटी बोर्ड पर ड्यूटी स्टाफ की एंट्री की जाती है, हो सकता है किसी दिन ना हो पाई हो। संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा कि वह आगे से इस बात का ध्यान रखें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3n6Pgi1 January 04, 2021 at 05:14AM https://ift.tt/1PKwoAf





0 Comments