नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पद का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेते की नियुक्ति करने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि नियुक्त उस पद पर की गई है, जो पद स्वीकृत ही नहीं है। इस संबंध में संभागीय कमिश्नर से जाँच की माँग करते हुए शिकायत की गई है।
शिकायतकर्ता एड. अनुराग नेमा के अनुसार अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप कुमार कसार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए स्टेटिक्स कम ट्यूटर के पद पर जगमोहन सिंह धाकड़ की नियुक्त की है। यह पद कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के अंतर्गत अनारक्षित श्रेणी में है। डॉ. कसार ने नियमों को ताक पर रखते हुए यह नियुक्त की है, क्योंकि आदर्श सेवा भर्ती नियम 2018 की अनुसूचियों में यह पद स्वीकृत ही नहीं है।
2018 की अनुसूची में नहीं है स्टेटिक्स कम ट्यूटर का पद
जानकारों का कहना है कि 2018 में तत्कालीन आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिव शेखर शुक्ला की कमेटी द्वारा आदर्श सेवा भर्ती 2018 की अनुसूचियों में स्टेटिक्स कम ट्यूटर का पद विलोपित कर दिया गया था। वहीं मप्र स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम 2018 के अंतर्गत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और स्टेटिक्स कम ट्यूटर के रिक्त पदों की सीधी भर्ती एवं पदोन्नति 15 जून 2020 को हुए साक्षात्कार के बाद की गई थी।
नियमों के मुताबिक हुई नियुक्ति
वहीं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. कसार का कहना है कि मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा स्टेटिक्स कम ट्यूटर के पद को डेमोन्ट्रेटर का पद कर दिया गया है। इसलिए इस पद की रिक्वायरमेंट होने पर नियुक्ति की जा सकती है। जिस नियुक्ति की बात की जा रही है, वह पूरी तरह नियमों के मुताबिक ही हुई है।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2L7FgrL January 07, 2021 at 05:03AM https://ift.tt/1PKwoAf



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