जिले के हर गांव में घरों तक नलों से पानी पहुंचाने के लिए हाल ही में 842 गांवों में मड़ीखेड़ा बांध से पीने का पानी पहुंचाने के लिए मप्र जल निगम ने 828.16 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है।
जिले की पोहरी विधानसभा में सरकूला बांध और शिवपुरी विधानसभा में सनघटा बांध बनने जा रहा है। इन दोनों बांधों से भी गांवों में पीने का पानी का पानी मुहैया कराने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। दोनों बांधों से लगभग 250 गांवों में पानी पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है।
दोनों नल जल योजनाओं की डीपीआर बनाने के लिए जल निगम सर्वे करा रहा है। यानी दोनों बांधों के निर्माण के कार्य के साथ नल जल योजनाओं का भी काम भी होगा। बांध बनने के साथ ही गांवों में पीने का पानी पहुंचने लगेगा। ग्रामीणों को बांध बनने तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
बता दें कि पोहरी में सरकूला बांध निर्माण के लिए टेंडर पहले ही हो चुके हैं। एग्रीमेंट के साथ ठेकेदार को वर्कऑर्डर भी जारी हो चुका है। वहीं सनघटा बांध के लिए टेंडर लगाने की तैयारी चल रही है। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले ढाई से तीन सालों में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। घरों पर ही नलों के जरिए पानी पहुंचने लगेगा।
पीने के लिए पांच-पांच मिलियन क्यूविक पानी का प्रावधान
सरकूला और सनघटा बांध से गांवों में पीने के पानी की सप्लाई दी जाना है। इसके लिए जल निगम ने दोनों बांधों से 5-5 एमसीएम (मिलियन क्यूविक मीटर) का प्रावधान रखा है। हालांकि मामले में प्रोजेक्ट की विस्तृत डीपीआर का इंतजार है, इसके बनने से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि गांवों में कितनी आबादी को घरों तक पीने का पानी मुहैया कराया जाना है।
एक बांध से पेयजल योजना में 100 से 125 गांव शामिल किए जा रहे
जल निगम द्वारा सर्वे कराया जा रहा है, उसमें 100 से 125 गांव शामिल हो जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं। सरकूला बांध का काम तेजी से चला तो यहां नल जल योजना का लाभ ग्रामीणों को जल्द मिल सकता है। वहीं सनघटा बांध के लिए कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया प्रयासरत हैं। जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ जल्द मिल सके और गांवों में पीने का पानी पहुंचना शुरू हाे जाए।
बांध बनने के साथ ही नलजल योजनाएं चालू हो जाएंगी, सर्वे करा रहे हैं
^सरकूला और सनघटा बांध से नलजल योजना के तहत गांवों में पीने का पानी मुहैया कराया जाएगा। डीपीआर बनाने के लिए सर्वे कार्य करा रहे हैं। बांध निर्माण के साथ-साथ दोनों नल जल योजनाओं का काम भी चलेगा। जैसे ही बांध बनकर तैयार होंगे, नल जल योजनाओं पर भी उसी के साथ चालू हो जाएंगी।
अनंत शर्मा, जीएम, मप्र जल निगम पीआईयू ग्वालियर
दोनों डैम बनने से 28 गांव की लाभाविंत होंगे, 4630 हैक्टेयर में सिंचाई कर सकेंगे
226 करोड़ रुपए की लागत से सरकुला नदी पर बनने वाले डेम से पोहरी क्षेत्र के लगभग 28 गांव को सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिलेगा और लोगों को शुद्ध पीने का पानी भी आसानी से मिल सकेगा। वहीं सनघटा बांध 145.45 करोड लागत से बनने जा रहा है। बांध से 4630 हैक्टेयर में किसान सिंचाई कर सकेंगे और खोड सहित पिछोर के कई गांवों में पीने का पानी मिलेगा।
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