वन क्षेत्र में वन्य प्राणियाें की माैत, शिकार और उनके घायल हाेने के मामले सामने आ रहे है। एक सप्ताह में जिले में दूसरे तेंदुए की माैत का मामला सामने आया है। 2 जनवरी को ओबेदुल्लागंज वन क्षेत्र के मिड घाट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर से करीब डेढ़ वर्ष के एक तेंदुए की मौत हो गई थी। 3 जनवरी काे एक नीलगाय का शिकार किया गया। 6 जनवरी काे सड़क पार कर रहा एक भालू वाहन की टक्कर से घायल हाे गया। इसके बाद बुधवार रात काे ही चिकलोद रेंज मेें फिर एक तेंदुए का पुराना शव मिला है। शव की हालत देखकर इस तेंदुए की मौत करीब 10 से ज्यादा पहले होने का अनुमान लगाया जा रहा है। तेंदुए के शव के 4 दांत और आगे के पंजे के नाखून भी गायब हैं। इस स्थिति में शिकार की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इस तरह से वन्य प्राणियाें की जान पर एक के बाद एक संकट आ रहे हैं।
डीएफओ विजय कुमार के मुताबिक बुधवार रात मिला तेंदुए का शव पुराना होने के कारण क्षत विक्षत हाे चुका है। शव का एक पंजा भी क्षतिग्रस्त है। इसका पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर से पाेस्ट मार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारण स्पष्ट हाे पाएंगे। तेंदुए की माैत की खबर मिलने ही सभी जिम्मेदार वन अधिकारी और वेटनरी डॉक्टर जांच के लिए माैके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के दौरान दांत और नाखून गायब मिले।
अभी तक जांच किसी नतीजे पर नहीं
वन विभाग के रेंजर मयंक सिंह गुर्जर के मुताबिक अभी इस बात की जांच की जाएगी कि तेंदुए के दांत और नाखून मरने के बाद गायब हुए हैं या पहले। इसकी जांच के लिए घटना स्थल के 500 मीटर क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान डॉग स्क्वाड की भी मदद ली गई, लेकिन जांच अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। घटना स्थल के पास लगे ईट-भट्टे वालों से भी इस संबंध में पूछताछ की गई है।
शव सड़ गया था इसलिए सैंपल जांच के लिए जबलपुर भेजा
तेंदुए का शव सड़ जाने के कारण पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मंजू टोप्पो भी अपनी जांच में स्पष्ट तौर पर मौत के कारणों तक नहीं पहुंच पाईं। इसलिए उन्हाेंने शव के सैंपल लेकर जांच के लिए जबलपुर भेजने की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण सामने आ पाएंगे।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
^तेंदुए के शव का पीएम पशु चिकित्सक द्वारा कराया गया है। अभी रिपोर्ट नहीं आने से कारण सामने नहीं आए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद घटना को लेकर कुछ कहा जा सकता है।
-पुष्पेंद्र धाकड़, एसडीओ, वन मंडल, ओबेदुल्लागंज
तीन मामलों से जानिए कितने संकट में है वन्य प्राणियों की जान
1. पांच दिन पहले ट्रेन से टकराने से तेंदुए की मौत : औबेदुल्लागंज वन क्षेत्र में आने वाले बरखेड़ा रेंज में मिड घाट पर 2 जनवरी को ट्रेन की चपेट में आने से 1.5 साल की उम्र वाले तेंदुए की मौत हो चुकी है। इस तरह से यह एक ही सप्ताह में तेंदुए की मौत की दूसरी घटना है।
2. 3 जनवरी को चिलवाह रेंज में हुआ नील गाय शिकार : इससे पूर्व वन मंडल औबेदुल्लागंज की चिलवाहा रेंज में भी नीलगाय का शिकार किया जा चुका है। एसडीओ रुबी हक ने बताया कि चिलवाहा रेंज में 3 जनवरी को नील गाय के शिकार की घटना हुई थी। इस मामले जांच की जा रही है। हालांकि अभी आरोपियोें को पता नहीं लग पाया है ।
3. भालू भी घायल- एक दिन पहले वाहन की चपेट में आ गया : एनएच 146 के भोपाल रोड़ पर खरबई चौकी क्षेत्र में बुधवार को सड़क पार करते समय एक भालू अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घायल हो गया । सड़क किनारे घायल अवस्था में मिले भालू की जानकारी पुलिस को मिली । खरबई चौकी प्रभारी बलवीरसिंह ने बताया कि घायल भालू की जानकारी वन विभाग को दी गई। इसके बाद भोपाल से वन विहार की टीम भी घटना स्थल पर पहुंच गई और घायल भालू को इलाज के लिए भोपाल लेकर गई ।
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