जल संसाधन विभाग की अनदेखी के चलते चंबल दाहिनी मुख्य नहर की ब्रांच कैनाल पर कई जगह वाटर पंप से पानी को खींचा जा रहा है तो माइनर शाखाओं में हेड पोर्शन पर बंदी लगाकर दबंगों ने पानी रोक दिया, जिससे नहरों में जल प्रवाह शुरू होने के दो महीने बीतने के बाद भी अंतिम छोर तक नहरों में पानी नहीं पहुंच पाया है। पानी आगे नहीं बढने के कारण रघुनाथपुर और हीरापुरा क्षेत्र के दर्जनभर गांव में टेल के खेतों में पलेवा नहीं हो पाया है।
सरसों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से परेशान क्षेत्रीय किसानों ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नहरों में अवरोध हटाकर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग ने ईई ने नहरों की पेट्रोलिंग कराकर किसानों को डिमांड के अनुसार पानी मुहैया करवाने की बात कही है।
रघुनाथपुर क्षेत्र को सिंचित करने वाली 27 एल कैनाल में क्षमता के अनुरूप पानी नहीं दिया जा रहा है,जबकि 26 एल कैनाल से जुड़ी रघुनाथपुर की माइनर शाखा अंतिम छाेर पर सूखी है। हीरापुरा, नीमच जा रही माइनर शाखा में हेड पोर्शन पर कई जगह नहर में बंदी लगाकर पानी रोक रखा है। किसानों ने बताया कि अवरोध लगाने की शिकायत पिछले एक पखवाड़े से बनी हुई है।
जल संसाधन विभाग के सबलगढ़ डिवीजन के अधिकारियाें काे इस संबंध में अवगत कराया गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं देने से टेल के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में पलेवा नहीं होने के कारण अभी तक किसान गेहूं, चना सहित रबी फसल की बोवनी नहीं कर पा रहे हैं।
पानी न मिलने से पिछड़ रही बोवनी: किसान
किसान शिवचरण रावत, बृजमोहन रावत, रमेश जाटव, रोशन जाटव, कपिल सरदार, जगनू जाटव, रामलखन रावत, बनवारी बाथम, मिथिलेश बाथम ने बताया कि हेड पर पानी रोकने के कारण इलाके में खेत के खेत सूखे हैं। पलेवा नहीं होने से गेहूं बोवनी का काम पिछड़ता जा रहा है। शिकायत के बाद भी जल संसाधन विभाग के अधिकारी अभी तक इलाके में देखने नहीं आए हैं।
26 एल नहर से 8 गांव को नहीं मिला पानी
26 एल नहर का पानी अभी तक किशनपुरा, मेढ़े की झोंपड़ी, दौलपुरा, हीरापुरा, धोरीबावड़ी, नीमच, सामंतापुरा, पिपरानी तक नहीं पहुंचा है। किसान शोभाराम बंजारा ने बताया कि 26 एल नहर किशनपुरा तक सूखी है। खेतों में पलेवा नहीं होने से बोवनी पर संकट दिनाेंदिन गहराता जा रहा है। जल संसाधन विभाग को हम किसानों की कोई परवाह ही नहीं है।
जिले में चंबल कमांड क्षेत्र में 68 हजार हेक्टेयर रकबा होगा सिंचित, किसानों को पानी का इंतजार
रबी सीजन के लिए कृषि विभाग ने जिले में कुल 1 लाख 54 हजार हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य तय किया है। इसमें 68200 हेक्टेयर रकबे में पलेवा और फसल की सिंचाई के लिए पानी चंबल नहर से देने का करार हुआ है। अभी तक चंबल कमांड क्षेत्र में करीब 35 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में पलेवा तथा सरसों की फसल में सिंचाई के लिए पानी दिया जा चुका है। अंतिम छोर पर किसानों को पानी का इंतजार है।
पानी रोकने वालों पर करेंगे कानूनी कार्रवाई
रबी फसल के लिए किसानाें की मांग पर सभी डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी दिया जा रहा है। नहराें में अवराेध लगाकर पानी का रोकना कानूनी जुर्म है। हम इलाके में नहरों की निगरानी करवा रहे हैं। कई जगह अवरोध हटवाकर संबंधित किसानों को चेतावनी दी गई है। किसानाें के लिए पानी की कमी नहीं आने दी जाएगी, गलत ढंग से पानी लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई हाेगी।
एससी गुप्ता ईई, जल संसाधन विभाग श्योपुर
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