हिंदू समाज बेहद सहनशील है, जाे शाेषण सहता है उससे ही मनाेरंजन किया जाता है। आजकल हिंदू आश्रम पर बन रही वेब सीरीज इसका उदाहरण है। अन्यथा केरल में ननाें पर भी अत्याचार हाे रहे हैं लेकिन इस विषय काे काेई नहीं उठाता। उनका हाल काेई नहीं दिखाता। यह बात हिंदुओं के आश्रम पर वेब सीरीज बनाने के प्रश्न पर स्वामी अभिषेक चैतन्य गिरी महाराज ने कही। चैतन्य गिरी महाराज महाराज ऋषिकेश से आए हैं। सेठानी घाट तिलक भवन में बुधवार से शुरू गीता जयंती महाेत्सव में प्रवचन देंगे।
बुधवार दाेपहर काे प्रेस वार्ता में उन्हाेंने कहा जाे धर्म के अनुकूल है उसके साथ खड़ा हाेना पक्षपात नहीं है। धर्म का अर्थ केवल मजहब नहीं हाेता है हमारे यहां धर्म का अर्थ धारण करना हाेता है। उन्हाेंने वैश्विक स्तर पर धर्म काे खतरा हाेने के सवाल पर उत्तर दिया कि धर्म काे अधर्म से ही खतरा है, बाहर भीतर से भी हाे सकता है। जाे मानते हैं और पालते नहीं। काेराेनाकाॅल काे उन्हाेंने उपकारक माना है। उन्हाेंने कहा- काेराेना काल खुद के अनुभव अंतर मुख हाेकर साधना करने के लिए उपकारक रहा है। अंतर मुख हाेकर अपने अंदर झांकना चाहिए।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2WDQcj4 December 24, 2020 at 05:19AM https://ift.tt/1PKwoAf



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