देहात थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में सोमवार सुबह 11 बजे किसानों ने बिजली विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बिजली कर्मचारी चोरी से चल रही मोटरों को जब्त करने गए थे। घटना के दौरान एक बिजली कर्मचारी घायल हो गया। कर्मचारियों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने पांच किसानों पर मामला दर्ज कर लिया है।
दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत दल द्वारा बिजली चोरी की चैकिंग की जा रही है। दल चोरी से चलने वाली मोटरों को जब्त कर रहा है। सोमवार को निरीक्षण दल लाइन मेन शिवदयाल अहिरवार, रामेश्वर यादव, उदय रजक, ठेका श्रमिक मिंटू यादव, पूरनसिंह यादव के साथ शासकीय वाहन से दोपहर 11 बजे हीरानगर शिवराजपुर गांव में चैकिंग करने पहुंचे। यहां पर ग्राम बधियन मौजा के नाले पर दो मोटर अवैध रूप से चल रही थी। जहां जाकर दल ने पूछताछ की।
कनेक्शन के संबंध में पू्छा तो सरमन ने कहा कि मेरे पास कनेक्शन नहीं है। इस दौरान दल ने जुर्माना भरने को कहा। किसान द्वारा जुर्माना नहीं भरने पर सहायक अभियंता गणेश प्रसाद कटारे ने दल से कहा कि मोटर खींचकर जब्त कर लो। जिस पर लाइन मेन शिवदयाल अहिरवार, फूल सिंह यादव, मिंटू यादव मोटर उठाने लगे तो सरमन यादव, मानसिंह यादव, सीताराम यादव और कैलाश ने गाली गलौज करते हुए मोटर छुड़ा ली और कर्मचारी को जमीन पर पटकर कर मारपीट कर दी।
पुलिस ने पांच लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का किया मामला दर्ज
बिजली चोरी से चलने वाली मशीनों को जब्त करने के दौरान सरमन यादव, मानसिंह यादव, सीताराम यादव, कैलाश यादव, बृजकिशोर यादव ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर मोटर छीनी थी। कर्मचारियों की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने पांचों आरोपियों पर धारा 353, 323, 186, 294, 506, 34 तहत एससीएसटी शासकीय में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया।
घटनाक्रम का वीडियो हुआ वायरल
बिजली चोरी करने वाली मोटर को जब्त करने के दौरान किसानों ने विवाद किया। जिसका वीडियो वायरल हुआ है। घटना के दौरान किसान लाठी-डंडे लेकर कर्मचारियों को धमकाते नजर आए। साथ ही गाली-गलौज कर रहे हैं। घटना से डरे सहमे कर्मचारी अपना वाहन लेकर वापस लौट आए। नहीं तो बड़ी घटना होने का अंदेशा बना हुआ था।
मोटर पंप लगाकर जिले भर में बड़े स्तर से हो रही बिजली
सूत्रों की माने तो ग्रामीण इलाके में बड़े स्तर पर बिजली चोरी करके मोटरों चलाने का काम किया जा रहा है। इसकी भनक विद्युत कर्मचारियों को नहीं है। अगर विद्युत कर्मचारी कार्रवाई करने जाते हैं तो खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में विद्युत चोरी की खपत की भरपाई पूरी नहीं हो पाती और इधर किसान चोरी से मोटर चलाकर खेतों की सिंचाई करने में जुटे हुए है। जो जुर्माना भी अदा नहीं करते हैं।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3kRExaX November 03, 2020 at 05:09AM https://ift.tt/1PKwoAf



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