कृषि उपज मंडी को खनिज विभाग ने अवैध रेत से भरे जब्त वाहनों की पार्किंग बना रखा है। ऐसे में धान बेचने आ रहे किसानों को उपज रखने की जगह नहीं मिल रही है। मंडी परिसर में 16 डंपर, चार पाेकलेन, 2 जेसीबी 4 ट्रैक्टर-ट्राॅली खड़ी हैै। गुरुवार काे 191 ट्राॅलियाें से किसान धान लेकर आए लेकिन दाेपहर तक जगह नहीं मिली। शाम काे बमुश्किल धान की खरीदी हाे सकी।
धान खरीदी के लिए जगह नहीं मिलने से व्यापारियाें और किसानाें में नाराजगी है। व्यापारियाें ने मंडी परिसर से इन डंपराें काे हटवाने के लिए कहा है। पिछले साल जब्त डंपराें काे एसएनजी स्टेडियम में खड़ा करने पर खेल संगठनाें ने विराेध जताया था। इसके बाद इनकाे मंडी परिसर में खड़ा कराया गया। डंपराें की सुरक्षा के लिए पुलिस जवान भी तैनात हैं।
आधी जगह में सब्जी मंडी
मंडी परिसर का आधा परिसर थाेक सब्जी मंडी में चला गया। बची जगह में धान के लिए दाे खरीदी केंद्र बनाए हैं। इसी जगह अवैध रेत से भरे जब्त डंपर, ट्राॅलियां खड़ी हैं। इससे व्यापारियाें की धान खरीदी के लिए जगह का संकट खड़ा हाे गया है।
खनिज विभाग काे डंपर हटाने के लिए पत्र लिखा है। किसानाें के अलावा व्यापारी भी इसकाे लेकर विराेध जता चुके हैं।
-उमेश बसेडिया, मंडी सचिव
डंपराें काे सुरक्षित खड़े करने के लिए प्राइवेट जगह के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की जा रही है।
-शशांक शुक्ला, खनिज अधिकारी
45 केंद्रों पर 35 हजार क्विंटल धान की खरीदी
जिले में 45 केंद्राें पर गुरुवार काे धान की खरीदी हुई। अभी तक 1045 किसानाें से 35 हजार 499 क्विंटल धान की खरीदी की गई। हालांकि भुगतान नहीं हुआ है। 17 हजार किसानाें ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है।
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