सागर सपूत, सागर विवि के संस्थापक दानवीर डॉ. हरीसिंह गौर की 150वीं जयंती पर तीनबत्ती से निकलने वाली शोभायात्रा की परंपरा इस बार भी जारी रहेगी। दैनिक भास्कर की मुहिम के बाद विवि प्रशासन ने अपना निर्णय बदलते हुए लगातार 51वें साल यह शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
यह फैसला शुक्रवार को विवि प्रशासन के अधिकारियों, विवि के शिक्षकों, कर्मचारियों और शहर के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में लिया गया। इसमें तय हुआ कि कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए 26 नवंबर को गौर जयंती की शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें परंपरानुसार गाजे-बाजे के साथ घोड़ा बग्घी में डॉ. गौर के छाया चित्र को रखकर शोभायात्रा निकाली जाएगी।
डॉ. सुखदेव मिश्रा, डॉ. सुशील तिवारी ने शहर का प्रतिनिधित्व करते हुए साफ कहा कि परंपरागत शोभायात्रा निकले, यह हर एक शहरवासी चाहता है। इसमें कोविड की गाइडलाइन के हिसाब से निर्णय हो। विवि के कर्मचारियों ने भी इसी बात का समर्थन किया। बाद में शिक्षक और अधिकारी भी सहमत हो गए।
प्रभारी कुलपति प्रो. जनकदुलारी आही ने बताया कि शोभायात्रा के संबंध में कलेक्टर से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने कोविड-19 के दौर में सुरक्षा संबंधी दिशा निर्देशों के आधार पर शोभायात्रा 10 व्यक्तियों की सीमित संख्या के साथ अनुमति देने की बात कही। डेलीगेसी अध्यक्ष प्रो. सुरेश आचार्य ने कहा कि सुरक्षा मानकों का अनुपालन करते हुए गौर जयंती मनाएं।
प्रभारी कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने गौर जयंती के कार्यक्रमों की जानकारी दी। विवि चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरण माहेश्वरी ने स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सावधानियां बताईं। प्रो. एपी दुबे, प्रो. अर्चना पांडेय, राजेश बोहरे ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में इन्होंने रखी शोभायात्रा के समर्थन में बात
डॉ. सुखदेव मिश्रा ने कहा कि डॉ. गौर के साथ जनभावनाएं जुड़ी हैं। डॉ. गौर हम सभी के लिए पूज्य हैं। उनकी जन्म जयंती के आयोजन में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए शोभायात्रा निकाली जाए।
डॉ. सुशील तिवारी ने कहा कि शोभायात्रा और विभिन्न कार्यक्रमों में शासन के विभिन्न निर्देशों का पालन जरूरी है। शोभायात्रा जरूर निकाली जाए। शहर के जागरूक लोग भी मास्क लगाकर ही इसमें शामिल होंगे।
200 लोग ही जुट सकेंगे शोभायात्रा में
इस बीच विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी जिला प्रशासन को पत्र देकर शोभायात्रा निकालने की स्वीकृति मांगी थी, जो 19 शर्तों के साथ दे दी गई है। जिसमें कहा गया है कि तीनबत्ती से विवि परिसर तक शोभायात्रा स्पीकर, घोड़ा बग्घी आदि के साथ निकाली जा सकती है। इसमें अधिकतम 200 व्यक्ति शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए हिस्सा ले सकेंगे। प्रमुख रूप से कहा गया है कि लोगों को कोविड-19 की रोकथाम के लिए जारी आवश्यक निर्देशों का पालन करना होगा।
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