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5 मीटर शहर का जलस्तर बरकरार रखने वाली नहर में रोज डाला जा रहा 2 टन मलबा-कचरा

देश में सबसे स्वच्छ खरगोन नगरपालिका क्षेत्र में गाड़ी-गलतार नहर परियोजना की नहर। शहर की सफाई व्यवस्था यहां आकर कचरा हो रही है। शहरी क्षेत्र में सिद्धि विनायक कॉलोनी से लेकर जैतापुर क्षेत्र तक 4 किलोमीटर क्षेत्र में रोज 2 टन कचरा-मलबा डल रहा है। दो-तीन फीट तक गाद भर गई है। गंदगी से रहवासियों का रहना मुश्किल हो रहा है। सैकड़ों घरों का कचरा व 150 से ज्यादा मकानों का पानी इसी में उतर रहा है। मकानों का मलबा भी लोग डाल रहे हैं। सफाई करा पाना मुश्किल होगा।
नहरों के ऊपर बिजली के खंभे डालकर लोगों ने रास्ते बना लिए हैं। यह नहर शहर के बीचो-बीच होकर मांगरूल व बीड़ बुजुर्ग क्षेत्र के खेतों तक पहुंचती है। नहर मरम्मत की इतनी रकम विभाग को नहीं मिलती है। कई साल से किसान ही मरम्मत व सफाई करा रहे हैं। विभाग का मानना है बारिश के बाद जब नहर चालू होती है तो शहरी क्षेत्र का 5 मीटर तक जलस्तर मेंटेन होता है। पिछले 10-12 सालों में लगातार कचरा व प्लास्टिक फेंकने से नहर का प्राकृतिक सिस्टम प्रभावित होने लगा है। इससाल भी किसान जनसहयोग से सफाई करेंगे। 20 नवंबर के बाद पलेवा के लिए नहर में पानी छोड़ा जाएगा। नपा स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते का कहना है लोगों को नहर की स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जाएगा। यदि वे नहीं मानते हैं तो सख्ती होगी।

गारी-गलतार प्रोजेक्ट का हिस्सा है ये नहर
भगवानपुरा तहसील के गारी-गलतार गांव में 1988-89 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगभग 10 करोड़ 93 लाख रुपए लागत से वर्ल्ड बैंक व अमेरिका की मदद से परियोजना बनी थी। इसकी ऊंचाई लगभग 25 मीटर है। परियोजना से क्षेत्र के 1150 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई होती है। क्षेत्र के 10 गांव के करीब 800 किसानों को परियोजना की नहर का पानी मिलता है। 30 प्रतिशत किसान इसी परियोजना पर आश्रित है। बांध में पानी का लेवल 375.30 मीटर तक भरना जरूरी होता है।

5 साल पहले से प्रस्ताव अधूरा
नगरपालिका ने 5 साल पहले शहरी क्षेत्र की नहर की मरम्मत व नाला निर्माण के लिए 8 करोड़ 36 लाख रुपए के प्रस्ताव पास किए थे। नहर उद्घार के लिए प्रशासनिक अफसरों ने निरीक्षण के बाद कार्रवाई नहीं की। फाईल दब गई। नहर क्षेत्र में डस्टबीन व कंटेनर तक नहीं रखे गए हैं।

जानिए... विनायक कॉलोनी से जैतापुर तक की हकीकत

  • सिद्धि विनायक कॉलोनी क्षेत्र में 10 उथली नहर है। किनारों पर मिट्‌टी के ढेर लगे हैं। लोग बताते हैं नहर की गहराई कम हो रही है।
  • गांधीनगर क्षेत्र में उमरखली रोड पर कई घरों का पानी नहर में मिल रहा है। बाजार क्षेत्र का कचरा नहर में डल रहा है। मकानों का मलबा भी। चारों तरफ दुर्गंध फैल रही है।
  • स्टेडियम के पिछला हिस्सा, राजनगर में घरों का पानी व अपशिष्ठ नहर में फेंकते हैं। कई काई जम गई है।
  • बिस्टान रोड के सुंदरनगर, मां गंगानगर व नारायणदास कॉलोनी, पंचशील नगर क्षेत्र में घरों का गंदा पानी व कचरा नहर में डाल रहे है।
  • कमलानगर, परसाई कॉलोनी व जैतापुर क्षेत्र में घरों का पानी नहर तक है। आसपास अतिक्रमण भी है।

^ नहर गर्मी तक शहर का 5 मीटर से ज्यादा जलस्तर मेंटेन रखती है। कचरा डालकर बंद कर रहे हैं। जल उपयोगिता समिति में बात रखी है। शहरी क्षेत्र में कई जगह बहाव ही नहीं रहता है।
- पीके, ब्राम्हणे, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग
^ नपा को नहर क्षेत्र में सीसीटीवी लगाकर कचरा फेंक रहे लोगों पर जुर्माने के निर्देश दिए हैं। मैदानी अमले के साथ वसूली करने को कहा है।
- अनुग्रहा पी, कलेक्टर



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2 tons of debris and garbage being dumped daily in the canal that maintains the water level of 5 meters


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