सरदार सरोवर डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों को आने-जाने और किसानों के लिए शासन ने नाव की सुविधा दी है। लेकिन अब तक नाविकों को उनका मेहनताना नहीं दिया गया है। पिछले दो माह से स्वयं के खर्च पर नाविक डूब क्षेत्र में फंसे लोगों और टापुओं पर खेती करने वाले किसानों को राहत पहुंचा रहे है। डूब क्षेत्र में फंसे लोगों और किसानों को को आने-जाने के लिए चार नाव को अधिग्रहण किया है। नाविकों का कहना है कि बिना मेहनताना वो और काम नहीं कर पाएंगे। नाविकों ने काम बंद किया तो डूब क्षेत्र में आवाजाही पर संकट खड़ा हो जाएगा। अफसर भी निरीक्षण नहीं कर पाएंगे। किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाएंगे।
नाविकों ने बताया प्रशासन ने एक नाविक को प्रत्येक माह 23900 रुपए देने के लिए आदेश जारी किया था। ये आदेश एसडीएम के माध्यम से किया गया था। अब भुगतान कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों से भी चर्चा कर चुके हैं। नाविक रामचंद्र ने बताया सुबह 8 बजे से नाव चलाना शुरू कर देते है और देर शाम तक चलती है। अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। स्वयं के खर्चे पर ही नाव चला रहे हैं। मोहन ने बताया इस साल तो ठीक पिछले साल भी राहत कार्य में नाव चलाई थी। उसका भी पैसा नहीं मिला है। रोजाना 150 से 200 रुपए का पेट्रोल जल रहा है। नाव पर दो मजदूर रहते हैं। पवन ने बताया रोजाना राजघाट 5 से ज्यादा बार आना-जाना करते हैं।
जानिए... इन क्षेत्रों के लोगों को राहत पहुंचाने लगाई थी नाव
बिजासन, मोरकट्टा, अमलाली और भवती के लोगों के लिए रामचंद्र पिता लिमचंद्र केवट निवासी बिजासन की नाव लगाई थी। जो पिछले दो माह से टापू पर खेती करने वाले किसानों सहित डूब क्षेत्र में रह रहे लोगों को लाने-लेजाने का काम कर रहा है।
जांगरवा, भामटा, चीपाखेड़ी और सौंदूल के लोगों को आने-जाने के लिए मोहनलाल पिता मांगीलाल निवासी जांगरवा की नाव को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया था। ये भी आदेश के बाद से काम कर रहा है। लेकिन राशि का भुगतान नहीं किया गया।
राजघाट (कुकरा), भीलखेड़ा, पेंड्रा, पिछोड़ी के लोगों को आने-जाने के लिए पवन पिता सीताराम केवट निवासी राजघाट की नाव को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया था। इसने बताया अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
एकलरा, गजनेरा, सनगांव के लोगों के लिए सुनील पिता रमेश वर्मा की नाव को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया था। ये भी सभी नाविकों की तरह ही लोगों को लाने-ले जाने का काम कर रहा है। इनका कहना है कि शासन ने अब तक राशि का भुगतान नहीं किया है।
^ बजट के लिए मांग की गई है। पहले ये राशि एनवीडीए से आती था। इस बार जिले का प्लान बनाकर राहत आयोग को भेजा है। राशि आने के बाद नाविकों को भुगतान कर दिया जाएगा। जल्द ही बजट आने वाला है। -घनश्याम धनगर, एसडीएम बड़वानी।
राजघाट... 134 मीटर पर ठहरा नर्मदा का जलस्तर
बड़वानी | बारिश के बाद राजघाट पर नर्मदा का जलस्तर 134 मीटर पर स्थिर हो गया है। पिछले करीब एक माह से जलस्तर स्थिर है। सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर के कारण टापू बने गांवों में अब भी लोग रह रहे हैं और टापू बनी खेती पर किसान खेती कर रहे हैं। किसान रोजाना नाव के माध्यम से आना-जाना करते हैं। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एनवीडीए ने पुराना फिल्टर प्लांट के पास बैकवाटर में मोटरपंप और केबल डाली है। इस कारण करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। एनवीडीए ने कुकरा व बड़गांव बसाहट में पेयजल सप्लाय करने के लिए बैकवाटर में मोटरपंप डाला है। जिस जगह श्रद्धालु स्नान करते है। उसी स्थान पर मोटरपंप लगाया गया है। साथ ही जिम्मेदारों ने यहां पर बोर्ड लगा दिया है। जिसमें लिखा है कि पानी में हाई वॉल्टेज के मोटरपंप डाले गए हैं। इनके पास में न जाए।
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