केंद्र सरकार जमीन संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भूमि अभिलेखों को ई-कोर्ट से जोड़ने की योजना बना रही है। इससे संदिग्ध हस्तांतरण, विवाद नियंत्रित करने व अदालतों पर बोझ कम करने में मदद करेगा। परियोजना को यूपी व हरियाणा के साथ महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इसे पूरे देश में लांच किया जाएगा।
योजना ई-कोर्ट को भूमि अभिलेखों और पंजीकरण डाटाबेस को जोड़ने की है, जिससे खरीदारों को यह जानने में मदद मिलेगी कि वे जिस जमीन को खरीदने की योजना बना रहे हैं क्या वह किसी कानूनी विवाद में तो नहीं है। कानून मंत्रालय में न्याय विभाग ने सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से संपत्ति विवादों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य सरकारों को भूमि अभिलेखों और पंजीकरण डाटाबेस को ई-कोर्ट और राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) के साथ एकीकृत करने के लिए मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है।
Source: Amar Ujala
सोशल मीडिया बोल्ड है।
सोशल मीडिया युवा है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल सोशल मीडिया एक जवाब से संतुष्ट नहीं है।
सोशल मीडिया में दिखती है ,
बड़ी तस्वीर सोशल मीडिया हर विवरण में रुचि रखता है।
सोशल मीडिया उत्सुक है।
सोशल मीडिया स्वतंत्र है।
सोशल मीडिया अपूरणीय है।
लेकिन कभी अप्रासंगिक नहीं। सोशल मीडिया आप हैं।
(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)
अगर आपको यह कहानी पसंद आई तो इसे एक दोस्त के साथ साझा करें!
हम एक गैर- लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें !



0 Comments