बसों के यात्रियों खासकर महिला व बच्चियों की सुरक्षा के लिए कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। वाहनों में लगने वाले व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस व इमरजेंसी बटन के जरिए यात्रा के दौरान आपात स्थिति की सूचना व शिकायत इस कमांड कंट्रोल सेंटर को मिलेगी। यहां से यह सूचना संपूर्ण लोकेशन के साथ पुलिस व परिवहन विभाग को ट्रांसफर की जाएगी। ताकि इनकी टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर जरूरी एक्शन ले सके।
एक तरह से पूरा सिस्टम डायल 100 की तरह काम
करेगा। कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना के लिए गुरुवार को परिवहन विभाग, सड़क परिवहन व राज मार्ग मंत्रालय के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। संभवत: ये कमांड कंट्रोल सेंटर भोपाल में स्थापित होगा।
मील का पत्थर साबित होगा
आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना व पूरे सिस्टम के लिए उच्च स्तर पर एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए हैं। उम्मीद है कि महिला-बच्चियों सहित अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांड कंट्रोल सेंटर मील का पत्थर साबित होगा।
सेंटर स्थापित करने में 15.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे, 9.24 करोड़ केंद्र देगा
- सार्वजनिक परिवहन की बस, टैक्सी व कैब में यात्रा करने वाली महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा को ध्यान में रख विभाग ने इन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा इमरजेंसी बटन लगाने की अनिवार्यता की है।
- ताकि अप्रिय स्थिति में तत्काल सूचना पुलिस व परिवहन विभाग को प्राप्त हो और हाथोंहाथ एक्शन लिया जा सके।
- जल्द ही इन अलर्ट व सूचनाओं पर एक्शन के लिए अत्याधुनिक मॉनिटरिंग कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। जिसका इंट्रीगेशन सीधा स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के साथ होगा।
- सेंटर स्थापित करने में 15.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें से 9.24 करोड़ केंद्र सरकार और बाकी 6.16 करोड़ रुपए राज्य शासन खर्च करेगा। संभवत: ये कमांड कंट्रोल सेंटर भोपाल में ही बनेगा।
- कंट्रोल सेंटर में 168 कर्मचारी तैनात रहेंगे। यहां तीन महीने का पूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन संधारित किया जाएगा। साथ ही अलर्ट डेटा का दो वर्ष का रिकार्ड भी संधारित रहेगा।
यह भी जानें : वाहनों में लगे उपकरणों से लोकेशन के साथ ही अन्य पल-पल का अलर्ट मिलेगा
- इमरजेंसी अलर्ट : किसी भी आकस्मिक व अप्रिय स्थिति में इस प्रकार के अलर्ट कमांड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे।
- स्पीड वायलेशन अलर्ट : वाहन के निर्धारित से अधिक गति में चलने की स्थिति में यह अलर्ट सेंटर को मिलेगा।
- जियो फैंसिंग अलर्ट : वाहन के निर्धारित रूट, निगम सीमा क्षेत्र से बाहर चलने की स्थिति में ये अलर्ट मिलेगा।
- वीएलटी डिवाइस टेम्परिंग अलर्ट : वाहन में लगे व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस के साथ किसी भी प्रकार की छेड़खानी, केबल तथा पावर डिस्कनेक्ट की स्थिति में ये अलर्ट सेंटर को मिलेगा।
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