बर्ड फ्लू की दहशत ने पोल्ट्री फॉर्म से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों में मुर्गी में बर्ड फ्लू की पुष्टि के चलते राजधानी में चिकन के कारोबार में 80% तक की गिरावट आ चुकी है। हालांकि अंडे की खपत में मामूली गिरावट आई है। भोपाल में पहले प्रतिदिन 100 टन तक चिकन की खपत होती थी, जो कोरोना के चलते घटकर 40 से 50 टन रोजाना पर आ गई थी। लेकिन बर्ड फ्लू की दहशत के चलते तीन दिन में ये घटकर 10 से 12 टन रोजाना पर पहुंच गई है।
पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन ने 100 रुपए किलो पर बिक रहे चिकन बॉयलर के दाम घटाकर 82 रुपए कर दिए हैं। पोल्ट्री फार्म के कारोबार से जुड़ी कंपनियों सीमरन, आईबी और शगुन ने डीलर्स को बॉयलर की सप्लाई देने से इंकार कर दिया है।
सस्ता हुआ मुर्गा : आनंदनगर स्थित कोहिनूर मल्टी एग्रो-फॉर्म के संचालक वसीम कुरैशी के मुताबिक जिंदा चिकन सप्लाई 5 टन से घटकर 1 टन प्रतिदिन पर आ गई है। डीलर्स को एक किलो का जो मुर्गा 95 से 100 रुपए के दाम पर मिल रहा था, अब 55 रुपए किलो के हिसाब से मिल रहा है। लेकिन ये भी बिक नहीं रहा है। वहीं 100 अंडे जो पोल्ट्री फार्म से 505 रुपए में मार्केट में डीलर्स को मिल रहे थे, उसकी कीमत अब घटकर 485 रुपए पर आ गई है।
अफसरों ने कहा- पशुपालन विभाग के अफसरों ने बताया कि बॉयलर को यदि आप 70 डिग्री पकाते या उबालते हैं तो बर्ड फ्लू का संक्रमण उसमें से खत्म हो जाएगा। अभी तक बॉयलर से मानव में इसके पहुंचने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
सीमाओं को सील करे सरकार
पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि सरकार प्रदेश की सीमाओं को सील करें, क्योंकि पोल्ट्री व्यापार से जुड़े कारोबारी प्रदेश की सीमाओं के बाहर से चोरी छिपे सस्ते दाम पर माल ला रहे हैं। इसी वजह से यहां बर्ड फ्लू फैल रहा है। प्रदेश के किसी भी पोल्ट्री फार्म में अभी इस बीमारी की दस्तक नहीं दी है।
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