वैसे तो अवैध पार्किंग से पूरा शहर कराह रहा है, लेकिन हृदय स्थल सिविक सेंटर का तो दम ही अवैध पार्किंग से घुटा जा रहा है। यहाँ मल्टीलेवल पार्किंग के आसपास का 500 मीटर का दायरा नो पार्किंग जोन घोषित है, बावजूद इसके इसी क्षेत्र में अवैध पार्किंग की भरमार है, मजेदार बात तो यह है कि क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित करने वाला जिला प्रशासन खुद अपने आदेश का पालन ट्रैफिक पुलिस से नहीं करा पा रहा है। अब यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
87 कारों की कुल पार्किंग, इसमें 40 रहवासियों की } मल्टीलेवल पार्किंग की क्षमता 87 चारपहिया और 40 दोपहिया वाहन खड़े करने की है। पार्किंग के मेन्टेनेंस का जिम्मा देख रहे जेसीटीएसएल की मानें तो इसमें से 40 कारों की पार्किंग प्रतिमाह 12 सौ शुल्क पर यहाँ आसपास क्षेत्र के रहवासियों को दी गई है। फिलहाल 80 प्रतिशत पार्किंग ही फुल हो पाती है। देखा जाए तो परमानेंट पार्किंग की सुविधा न देकर जिम्मेदारों को यहाँ सड़क पर वाहन खड़े करने वालों को मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन खड़े करने बाध्य करना चाहिए। दोपहिया तो पार्किंग में न के बराबर ही नजर आते हैं।
जिम्मेदारों ने किया था दावा
यहाँ 5 मंजिला स्मार्ट पार्किंग का निर्माण करते समय यह दावा किया गया था कि मोबाइल एप के जरिए स्मार्ट पार्किंग में स्थान की जानकारी, एडवांस बुकिंग, समय के मुताबिक पार्किंग शुल्क, पार्किंग उल्लंघन की जानकारी सहित ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शहरवासियों को दी जाएगी, लेकिन अब ये सारे वादे खोखले साबित हो रहे हैं।
समाधान- पार्किंग का उल्लंघन करने वालों के वाहन जब्त किए जाएँ, खासकर यहाँ-वहाँ फैल पसरकर कारें खड़ी करने वालों को मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन खड़े करने बाध्य किया जाए।
दवा बाजार के सामने हालात बदतर
सिविक सेंटर में दवा बाजार का क्षेत्र तो अवैध पार्किंग के लिए कुख्यात है। यहाँ सड़क के एक तरफ ऑटो, कारें व दोपहिया वाहन अधिकांश हिस्सों पर कब्जा किए रहते हैं और सड़क के दूसरे हिस्से में कुछ पर बर्गर, हॉट डॉग और चाट के ठेले व आगे चलकर यहाँ लगने वाली कपड़े की दुकानों में आने वाले ग्राहकों के वाहन खड़े रहते हैं। जो सड़क को अपनी जागीर समझते हैं। आगे चलें तो पुलिया क्रॉस करते ही बीच सड़क पर चाहे जहाँ मर्जी से खड़ी कारें राहगीरों का स्वागत करती हैं, चालक जहाँ चाहे वाहन खड़े कर घंटों के लिए गायब हो जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है।
समाधान- चाट पकौड़े व अन्य खाद्य पदार्थों के ठेले वालों के लिए स्थान चिन्हित होना चाहिए। सभी को वहीं खड़े होने बाध्य करना चाहिए, दवा बाजार के सामने डिवाइडर बना देना चाहिए।
यहाँ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता- रहवासियों की बजाय क्षेत्र में आने वालों के वाहन पार्किंग में खड़े कराने प्रयास करने चाहिए। यहाँ वॉलेंटियर नियुक्त कर लोगों को वाहन पार्किंग में खड़े करने के फायदे और न खड़े करने के नुकसान समझाना चाहिए।
6.5 करोड़ लागत है सिविक सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग की
- 87 कारें खड़ी करने की व्यवस्था
- 40 दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं
- 10 रुपए दोपहिया का पार्किंग शुल्क
- 20 रुपए चारपहिया पार्किंग शुल्क
- 95 हजार के करीब प्रतिमाह हो रही कमाई
- 20 हजार के करीब प्रतिमाह बिजली का बिल
- 25 हजार कर्मचारियों पर प्रतिमाह खर्च
यह करने की आवश्यकता
- ट्रैफिक पुलिस रोजाना कार्रवाई करे।
- क्रेन से वाहन उठाने पर ही सुधरेंगे हालात।
- वॉलेंटियर नियुक्त कर लोगों को समझाइश दी जाए।
- न सुनने वालों का चालान बनाया जाए।
अभी ये बन रहे हालात
- अवैध पार्किंग से निकलना मुश्किल होता है।
- सिविक सेंटर शॉप गपशप प्वॉइंट बन जाती है।
- जरा-जरा सी बात पर लड़ाई झगड़ा होना आम है।
- क्षेत्र का ट्रैफिक सेंस किसी गाँव से भी बदतर लगता है।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bqFdSz January 09, 2021 at 05:11AM https://ift.tt/1PKwoAf



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