सीजन का सबसे घना कोहरा गुरुवार को रहा। अलसुबह से शहर कोहरे के आगोश में ढंका रहा। सुबह 11 बजे धूप निकली। कोहरे की वजह से सर्द हवा चली। इससे दृश्यता 500 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
शासकीय जीवाजी वेधशाला से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.5 और न्यूनतम 14.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को अधिकतम 28 और न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री था। एक सप्ताह में रात का पारा 3.8 डिग्री बढ़ा है जबकि दिन के तापमान में 1 डिग्री गिरावट आई है। मौसम विभाग भोपाल के राडार प्रभारी वेदप्रकाश के अनुसार शुक्रवार को भी घना काेहरा रहने की आशंका है।
ऐसे बनता है कोहरा : हवा में जलवाष्प होती है, जिसे नमी कहते हैं। सर्दियों में पृथ्वी की सतह के पास की गर्म हवा में मौजूद जलवाष्प ऊपर मौजूद ठंडी हवा की परतों से मिलकर जम जाती है। इस प्रक्रिया को सघनन कहते हैं। जब हवा में बहुत ज्यादा सघनन हो जाता है तो यह भारी होकर पानी की नन्ही बूंदों में बदलने लगती हैं। आसपास की अधिक ठंडी हवा के संपर्क में आने पर इसका स्वरूप धुएं के बादल जैसा बन जाता है। इसे कोहरा कहते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कोहरा ज्यादा घना हो जाता है और इसे स्मॉग कहते हैं। स्मॉग स्मोक और फॉग से मिलकर बना शब्द है।
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