वृद्धावस्था और बीमारी के कारण लाचार एक महिला काे उसके अपने ही रात के अंधेरे में सड़क पर छाेड़कर मानाे मरने के लिए छाेड़ गए। महज एक कंबल के सहारे वृद्धा पूरी रात कड़ाके की ठंड से जूझती रही। उसके हाथ-पैर अकड़ गए थे। सुबह राहगीर ने कंट्राेल रूम काे सूचना दी।
पुलिस की विशेष किशाेर ईकाई माैके पर पहुंची ताे वृद्धा की हालत देख दिल पसीज गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचा गया। जहां उसका इलाज चल रही है। वृद्धा ज्यादा कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। पुलिस की विशेष किशाेर ईकाई की प्रभारी ज्याेति तिवारी ने बताया कि गुरुवार काे पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि थी एक वृद्ध महिला कबूला पुल के पास शनि मंदिर के सामने पड़ी हुई है। ज्योति ने बताया कि हम लाेग तुरंत वहां पहुंचे।
महिला बोली: पुत्र-पुत्री मुझे नहीं रखना चाहते
ज्याेति तिवारी ने बताया कि पहले कपड़े पहनाए और खाने काे दिया। जब वृद्धा से बात की ताे वह सिर्फ इतना बाेल पाई कि मेरे माेड़ा-माेड़ी (पुत्र-पुत्री) हैं, मुझे काेई अपने पास नहीं रखना चाहता। कहां से आई, काैन लेकर आया, कहां की रहने वाली हैं यह बता नहीं पा रही।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ठंड के कारण हाथ-पैर अकड़ गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ज्याेति ने बताया कि जब आसपास के लाेगाें से पूछताछ की तो पता चला कि कोई दो लोग महिला काे बीतीरात मोटरसाइकिल से लाकर यहां छोड़ गए थे। आसपास के लोग भी उसे नहीं पहचानते। टीम में मुकेश यादव, चाइल्ड हेल्प लाइन की सोनम रजक, खेमराज पटेल भी शामिल थे। जिले में इस प्रकार की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3po4ErH December 25, 2020 at 05:17AM https://ift.tt/1PKwoAf



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