आज से वे नेता या महिलाएं नगर के सार्वजनिक आयोजनों, कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में नजर आने लगेंगे, जो आगामी निकाय चुनाव में अध्यक्ष की दावेदारी करने की इच्छा रखते हैं। कोरोनाकाल ही नहीं पिछले निकाय चुनाव के बाद से कई नेता व नेत्रियां ऐसे हैं जो भूमिगत हो गए लेकिन ये सभी आज से मैदान में नजर आएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 9 दिसंबर को भोपाल के रवींद्र भवन सभागृह में प्रदेशभर के नगरपालिका, नगर निगमों व परिषदों के आगामी चुनाव के लिए अध्यक्ष व महापौर पदों का आरक्षण होगा। जावरा नपाध्यक्ष पद ओबीसी महिला होने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि पुराने रोस्टर के हिसाब से अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला बची है, जो रोस्टर पद्धति लागू होने के बाद से अब तक यहां अध्यक्ष नहीं बन पाईं।
दरअसल अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की व्यवस्था 2004-05 से शुरू की है। रोस्टर के हिसाब से जावरा में अजा, अजजा की आबादी कम है, इसलिए इस वर्ग के पद आरक्षण व्यवस्था नहीं है। यदि इस वर्ग के कोई महिला व पुरुष चुनाव लड़ना चाहते हैं तो वे सामान्य वर्गों के आरक्षण में लड़ सकते हैं।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3otz5w6 December 09, 2020 at 05:05AM https://ift.tt/1PKwoAf





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