बुधवार को पता चल जाएगा कि अगला महापौर कौन से वर्ग का होगा। आरक्षण की प्रक्रिया 9 दिसंबर को भोपाल के रवींद्र भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगी। सरकार साफ कर चुकी है कि प्रदेश की 16 नगर निगम सहित सभी नगरीय निकायों के महापौर व अध्यक्ष का आरक्षण चक्रानुसार के आधार पर होगा। इसलिए अब शहर के महापौर की सीट ओबीसी के साथ सामान्य के लिए आरक्षित हो सकती है। अभी सीट सामान्य महिला में आरक्षित थी।
भाजपा और कांग्रेस के दावेदार भी रहेंगे शामिल- आरक्षण की तारीख तय होने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों ने टिकट पाने के लिए स्थानीय और राजधानी के नेताओं की घेराबंदी शुरू कर दी है। कुछ आरक्षण की प्रक्रिया में शामिल होने भोपाल भी पहुंचेंगे। भाजपा की तरफ से 7 से 8 उम्मीदवार तो कांग्रेस से भी 3 से 4 खंभ ठोंक रहे हैं। इसके लिए उम्मीदवारों ने राजनीतिक आकाओं तक बात पहुंचा दी है। बुधवार को आरक्षण बाद कुछ खुद ब खुद बाहर होंगे।
अधिसूचना 15 दिसंबर के आसपास : जनवरी या फरवरी में संभावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। 15 दिसंबर के आसपास आयोग अधिसूचना जारी कर देगा।
चक्रानुसार ऐसे होगा आरक्षण
- प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। इनमें दो सीट एससी के लिए आरक्षित हैं।
- बाकी 14 में से 30 प्रतिशत यानी 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है।
- आरक्षण में पहले इन 14 निगमों में से ओबीसी के लिए पहले से आरक्षित 4 को छोड़ देंगे।
- अब सारी 10 निगम सामान्य के होंगे, उनमें से 4 ओबीसी की गोटी निकलेगी।
- इन 4 में से भी दो महिला व दो पुरुष के लिए आरक्षण होगा।
- इसके बाद बाकी बची 6 में पुरानी ओबीसी 4 को मिलाकर पहले सामान्य महिला की सीट आरक्षित होगी। उसके बाद जो बचेगी वह अनारक्षित होगी।
^इस बार भी निगम में बहुमत भाजपा का ही होगा। 49 वार्ड में पार्षद पद का आरक्षण हो चुका है। बुधवार को महापौर का भी हो जाएगा। फिर पार्टी दावेदारों के नाम पर विचार करेगी।
अरुण राव, मीडिया प्रभारी भाजपा
^कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार है। हम तैयारी कर रहे हैं। पार्षदों उम्मीदवारों के पैनल भी आ चुके हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद नाम घोषित करेंगे।
महेंद्र कटारिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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