शहर के विकास को लेकर 5 बिंदुओं पर केंद्रित सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार होगा। इसके तहत अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सुशासन (गुड गवर्नेंस) पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से कार्ययोजना मांगी गई है।
मंगलवार को संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना ने विभिन्न विभाग प्रमुखों के साथ सिटी डेवलपमेंट प्लान के लिए मोतीमहल में बैठक करते हुए कहा कि अल्प और दीर्घकालीन योजना तैयार कर शहर के विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए।
उन्होंने शहर के विकास की दिशा तय करने वाले विजन डॉक्युमेंट को तैयार करने की जिम्मेदारी एडीएम किशोर कन्याल और स्मार्ट सिटी की सीईओ जयति सिंह को दी। वहीं विजन डॉक्यूमेंट के लिए विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक और दूसरी संस्थाओं से लिए गए सुझावों पर अगले सप्ताह तक फिर बैठक होगी।
विकास के लिए तैयार होगा नया खाका: इन पांच बिंदुओॆ पर तैयार हाेगा प्लान
अधोसंरचना: शहर में शासकीय भवन, ट्रैफिक प्लान व दूसरे निर्माण कार्य और सुविधाओं पर फोकस करते हुए शहर की जरुरत के हिसाब से प्रोजेक्ट तैयार होंगे और उन्हें स्वीकृति के लिए राज्य व केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य: एक हजार बिस्तर के अस्पताल का काम जल्द से जल्द पूरा कराने पर फोकस। दूसरे अस्पतालाें में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए प्लानिंग तैयार की जाएगी। ये फोकस जेएएच, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल के अलावा डिस्पेंसरी स्तर तक जाएगा।
शिक्षा: शहर में राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें काउंटर मैग्नेट सिटी और शहर के आसपास की जगह उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही कोचिंग हब तैयार किए जाएंगे, ताकि जगह-जगह खुले कोचिंग सेंटर तय स्थान पर ही संचालित हों।
अर्थव्यवस्था: औद्योगिक क्षेत्रों में खाली पड़ी जमीनों पर उद्योग लाने के प्रयास तेज होंगे। शहर की सीमा से सटी या अंदर खाली जमीन को चिन्हित कर छोटे-छोटे उद्योगों के लिए सेक्टर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा शहर में नए बाजार भी तैयार किए जाएंगे।
सुशासन: सरकारी दफ्तरों में सुनवाई तय समय पर सरलता से हो। इसके लिए कार्य की रूपरेखा तय की जाएगी, लंबित आवेदनों का निराकरण जल्द और नए आवेदनों का निपटारा समय सीमा में करने पर फोकस होगा। हर विभाग प्रमुख का दफ्तर में लोगों से मिलने का समय तय रहेगा।
विजन डॉक्यूमेंट के लिए जिला स्तर पर शहर के जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक हो चुकी है। ग्वालियर में जो परियोजनाएं स्वीकृत हैं, उन्हें विभिन्न विभागों के माध्यम से जल्दी पूरा कराने के लिए प्रयास चल रहे हैं। - कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
विजन डॉक्यूमेंट के लिए समय-सीमा में विस्तृत कार्ययोजना पेश कर दी जाएगी।
- संदीप माकिन, नगर निगम आयुक्त
इधर, स्मार्ट सिटी के काम न हाेने से विधायक का गुस्सा फूटा, बाेले-तीन महीने में बन जाना चाहिए स्मार्ट राेड
स्मार्ट सिटी के कामाें में देरी काे लेकर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने नाराजगी जाहिर की है। उन्हाेंने मंगलवार दोपहर काे एसपी आफिस में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की मौजूदगी में कहा कि तीन महीने में स्मार्ट रोड बन जाना चाहिए।
दो साल से दक्षिण विधानसभा के लोग स्मार्ट सिटी के नाम पर खराब सड़कों से गुजर रहे हैं। बैठक में निगम आयुक्त संदीप माकिन, एसपी अमित सांघी और सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक के खत्म होने के बाद निगम आयुक्त ने सीईओ स्मार्ट सिटी के साथ पहले मोतीमहल के संग्रहालय में बैठक की। इसके बाद उक्त अधिकारी मोतीमहल स्थिति कंट्रोल कमांड सेंटर में रात 9:30 बजे तक बैठे रहे।
गाैरतलब है कि स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन दो साल से 15.5 किलोमीटर लंबी स्मार्ट रोड बनाने का सपना शहरवासियों को दिखा रहा है, लेकिन काम शुरू नहीं हाे सका है। इस पर विधायक ने नाराजगी जताई। साथ ही अमृत प्रोजेक्ट को लेकर उन्हाेंने कहा कि मेरे क्षेत्र में खुदी सड़कें ठीक नहीं हो रही हैं।
पूर्व में आयुक्त नगर निगम के साथ भी बैठक की थी, तब से अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने पानी के लिए सड़क खोदने वाली कंपनी के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3n4TEyU December 09, 2020 at 05:03AM https://ift.tt/1PKwoAf





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