नगर पालिका परिसर के मैदान पर लगने वाली पटाखा दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को लेकर व्यापारी और सीएमओ आमने-सामने हो गए। दोपहर 4 बजे से शुरू हुई प्रक्रिया शाम 6.10 बजे तक विवादों में रही। नपा सीएमओ राधेश्याम मंडलोई नीलामी प्रक्रिया से दुकानें आवंटित करने पर तो व्यापारी लाॅटरी सिस्टम की मांग पर ही अड़े हुए थे। कई बार व्यापारी नपा का सभागृह छोड़ कर नपा के बाहर भी निकल गए। शाम 7 बजे लाॅटरी सिस्टम से दुकानें आवंटित की गई। 1 लाख 40 हजार रुपए में पहले नंबर की दुकान आवंटित हुई।
गुरुवार को नपा परिसर में लगने वाली 30 पटाखा दुकानें आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करनी थी। सुबह नपा कर्मचारियों ने 10 बाय 10 की दुकानें के लिए नंबरिंग की। दोपहर 4 बजे से नीलामी प्रक्रिया शुरू होना थी। इसके पहले ही कुछ व्यापारी एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम प्रवीण फुलपगारे को आवेदन देकर लाॅटरी सिस्टम से नीलामी प्रक्रिया करने की मांग की। वहां से व्यापारियों को आश्वासन भी मिल गया। जब दोपहर 4 बजे व्यापारी नपा परिसर पहुंचे तो उन्हें नीलामी प्रक्रिया से ही दुकानें आवंटित होने की जानकारी मिली। इस पर व्यापारी वापस नपा के बाहर एकत्रित हो गए। आधे घंटे तक चर्चा के बाद सभी व्यापारी वापस एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां एसडीएम नहीं मिलने पर व्यापारियों ने फोन पर एसडीएम से चर्चा करके वापस नपा परिसर पहुंचे। इसी तरह का विवाद शाम तक चलता रहा। इसके बाद शाम 7 बजे व्यापारियों को लाॅटरी सिस्टम से दुकानें आवंटित की गई।
4100 रुपए प्रति दुकान देने की मांग
नगर पालिका हर साल नीलामी प्रक्रिया से दुकानें आवंटित होती है। इससे नपा को ढाई से तीन लाख रुपए राजस्व मिलता है लेकिन इस बार व्यापारियों ने कोविड 19 का हवाला देकर लाॅटरी सिस्टम की मांग पर अड़े थे। नपा ने पिछले वर्ष 3100 रुपए से प्रति दुकानों की नीलामी शुरू हुई थी। इस पर वृद्धि करके 5 हजार रुपए प्रति दुकान आवंटित की प्रक्रिया शुरू करना था लेकिन व्यापरियों ने कोरोना काल के कारण हुई खराब स्थिति का हवाला देते हुए इसे 4100 रुपए में प्रति दुकान लाॅटरी सिस्टम से आबंटित करने की मांग कर रहे थे। सीएमओ बोले- नियमों के अनुसार ही काम करूंगा। आपके प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद ही पांच हजार रुपए का निर्णय लिया है। इसे कलेक्टर को भी भेजा गया है।
बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर स्ट्रीट लाइट के साथ वाटर वर्क्स की काटी लाइन
भास्कर संवाददाता | सनावद
बिजली कंपनी ने बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर नगर पालिका की स्ट्रीट लाइट व वाटर वर्क्स की लाइन काट गुरुवार को काट दी। इससे शहर में गुरुवार रात को सड़कों पर अंधेरा छाया रहा। वहीं कब्रिस्तान के वाटर वर्क्स से पानी का सप्लाय नहीं हो पाया।
बिजली कंपनी के एई रवि शुक्ला ने बताया नगर पालिका पर बिजली बिल का करीब 30 लाख रुपए का बिल बकाया है। इसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस कारण गुरुवार को स्ट्रीट लाइट व वाटर वर्क्स की लाइन काट दी गई है। इसके पहले भी तीन से चार बार भुगतान को लेकर सूचना दी गई लेकिन बिल का भुगतान नहीं किया गया। अफसरों के आश्वासन पर एक बार कनेक्शन काटने के बाद दोबारा शुरू कर दिया था। नपा द्वारा अब तक बिजली बिल जमा नहीं किया गया। इसके लिए यह कार्रवाई की गई। शहर में शुक्रवार को भी कब्रिस्तान वाटर वर्क्स से पानी सप्लाय नहीं हो पाएगा। इससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा।
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