गो-अभयारण्य में गायों की मौतों से मचे हड़कंप के बीच शनिवार शाम आगर पहुंचे पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने पत्रकारों ने कहा कि मनुष्य भी मरता है। गाय माता बूढ़ी हो जाएंगी तो मरेगी कि नहीं? इस दौरान उन्होंने गायों के लिए भूसे की कमी को नकार दिया, जबकि शनिवार को भास्कर टीम फिर सालरिया पहुंची, तो पर्याप्त भूसा नजर नहीं आया।
पटेल ने कहा कि गायें भूसे के अभाव में नहीं मर रही हैं। हमें पूरी जानकारी है कि जब उमर पूरी हो जाती हैं तो मर जाती हैं। इधर, 10 गायों की मौत और अव्यवस्थाओं के भास्कर के खुलासे के बाद सालरिया में कुछ सुधार नजर आया। ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने का मुद्दा उठने के बाद शनिवार को शेड में बनी कुछ खिड़कियों में चद्दर लगाए गए।
कमजोर व बीमार गायों को जिस 24 नंबर शेड में रखा गया है, वहां आधी खिड़कियों में चादर लगाई गईं। मृत गायें शनिवार को हटा दी गईं। हालांकि कुछ जगह अस्थियां पड़ी थीं। गुरुवार व शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को गोदामों में भूसा नजर आया, लेकिन पर्याप्त नहीं था। कुछ गोदाम बिलकुल खाली थे तो बाकी गोदामों में नाममात्र का भूसा था।
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