जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2021 में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को बड़ी राहत मिल सकती है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में प्रवेश के लिए अगले साल होने वाली परीक्षा का सिलेबस कम किए जाने पर विचार किया जा रहा है। आईआईटी काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को दिल्ली में होने जा रही है।
इसमें देश के सभी आईआईटी के निदेशक, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) सहित अन्य क्षेत्रों के महत्वपूर्ण लोग शामिल होंगे। जेईई का सिलेबस कम किए जाने की संभावना इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि सीबीएसई 10वीं से 12वीं तक के कोर्स में बदलाव कर चुका है।
जॉइंट एडमिशन बोर्ड मुख्य रूप से 12वीं के कोर्स में बदलाव करना चाहता है। सीबीएसई ने 2019 में 12वीं के गणित, रसायन और भौतिकी में होने वाले दोहराव को समाप्त किया था। इसी संशोधित पाठ्यक्रम से छात्रों को इस साल पढ़ाई कराई गई। बोर्ड ने सीबीएसई द्वारा 30 फीसदी कोर्स कम किए जाने के पहले ही जेईई पाठ्यक्रम को कम करने के बारे में विचार किया था।
एक कमेटी भी बनाई थी, जिसे सीबीएसई द्वारा किए गए संशोधन देखने का जिम्मा दिया गया था। पाठ्यक्रम कम करने के अलावा मीटिंग में जेईई एडवांस्ड के विषय में भी निर्णय होगा। जेईई मेन का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करती है, लेकिन जेईई एडवांस्ड का जिम्मा आईआईटी को मिलता है। 2021 में जेईई एडवांस्ड की जिम्मेदारी आईआईटी खड़गपुर को दी जाएगी। 2020 में आईआईटी दिल्ली ने एडवांस्ड परीक्षा कराई थी।
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