सिविल अस्पताल में गुरुवार सुबह गांधी वार्ड निवासी एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने से मौत हो गई। जिसे डॉक्टर ने कोरोना संदिग्ध मानकर शव को पीपीई सूट पहना परिजनों को शव सीधे श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार करने की हिदायत देते हुए सुपुर्द किया गया था।
लेकिन परिजनों ने नियमों को तांक पर रखकर शव को घर ले आए और घर से ही शव यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
जानकारी अनुसार गांधी वार्ड निवासी रेलवे कर्मचारी का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जिस कारण बुजुर्ग को गुरुवार सुबह पौने 4 बजे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसकी स्थिति गंभीर होने के कारण इलाज के बाद ड्यूटी डॉक्टर सक्सेना ने सागर रेफर किया गया था।
लेकिन 108 एंबुलेंस आने में कुछ समय लग गया और इलाज के दौरान करीब सवा 4 बजे उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर अवतार सिंह यादव ने बताया कि तेजी से गिरते ऑक्सीजन लेवल (एसपीओ2) को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर अविनाश सक्सेना के द्वारा एहतियात के तौर पर लैब टेक्नीशियन को बुलाकर सुबह करीब 7 बजे मृतक की रैपिड एंटीजन किट से जांच कराई गई, जो नेगेटिव आई।
जिस कारण बुजुर्ग को संदिग्ध मानते हुए शव को सैनिटाइज करवा कर बॉडी सूट पहना कर परिजनों को हिदायत देते हुए शव को सुपुर्द कर दिया कि शव को सीधे मुक्तिधाम ले जाकर दूरी बनाकर कम संख्या में परिजनों के द्वारा अंतिम संस्कार किया जाए।
आज परिजनों की सैंपलिंग
जानकारी के अनुसार बुजुर्ग की मौत होने के बाद भी उन्हें बचाने की लालसा से उनके बेटे मुंह से उन्हें ऑक्सीजन देते रहे। इस संबंध में डॉक्टर अवतार सिंह यादव का कहना है कि आज सभी परिजनों की आरटीपीसीआर कोरोना जांच सैंपलिंग कराई जाएगी।
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from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2IVfTbB November 20, 2020 at 05:09AM https://ift.tt/1PKwoAf





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