कृषि उपज मंडी में किसानों से नकद भुगतान के नाम पर एक प्रतिशत राशि काटने की शिकायतें थम नहीं रही है। गुरुवार को भी एक किसान मंडी सचिव के पास आढ़त काटने की शिकायत लेकर पहुंचा। इसके बाद संबंधित किसान को व्यापारी अपने साथ ले गए। बुधवार को आढ़त काटने को लेकर किसानों ने मंडी में हंगामा किया था। करीब एक घंटे तक व्यापारियों ने खरीदी बंद रखी। व्यापारियों का कहना था कि बैंक में कैश की कमी होने से नकद भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। मंडी सचिव की समझाइश के बाद नीलामी की प्रक्रिया फिर शुरू हुई। बुधवार को ही किसानों को 50 हजार रुपए नकद देने का अनाउंस करवाया गया। गुरुवार सुबह मंडी सचिव मंशाराम जमरे ने व्यापारियों की बैठक ली। व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि अब कोई किसान आढ़त काटने की शिकायत लेकर नहीं आएगा। लेकिन गुरुवार शाम को ही केसुन तहसील पुनासा जिला खंडवा के किसान रघुनाथ मंडी कार्यालय पहुंचा। किसान ने मंडी सचिव को बताया सोयाबीन बेचने के बाद व्यापारी से रुपए लेने गया तो 34270 रुपए में से 340 रुपए आढ़त कटौत्रा कर 33930 रुपए दिए। रुपए काटने का कारण पूछने पर कहा- नकद लेना है तो आढ़त कटेगी। रुपए नहीं कटवाना है तो आधार कार्ड व बैंक पास बुक की फोटोकॉपी ले आओ। उपज की राशि खाते में डाल देंगे। व्यापारी ने कहा पूरे रुपए दिए है। बाद में वह किसान को साथ में ले गए।
ज्यादा मात्रा बताकर सीसीआई ने नहीं खरीदा कपास
गुंजली तहसील पुनासा (खंडवा) के किसान सुरेश पार्ले ने बताया मिनी ट्रक से 38 क्विं. कपास लेकर मंडी पहुंचा था। सीसीआई के अधिकारी ने कपास की मात्रा ज्यादा बताकर खरीदी करने से इनकार कर दिया। मजबूरी में व्यापारी को मात्र 3827 रु. प्रति क्विंटल में कपास बेचना पड़ा। सीसीआई अधिकारी तुषार सोनवणे ने कहा- किसान जितनी उपज लाता है गुणवत्ता देखकर खरीदी जाती है। कपास की नमी जांचकर 5510 से 5725 रु. क्विंटल तक कपास के भाव दिए जाते हैं। किसान के आरोप निराधार है।
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