उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में गुरुवार से ऑफलाइन कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) की प्रक्रिया शुरू हुई। यह प्रक्रिया 10 नंवबर तक चलेगी। पहले दिन छात्र-छात्राएं अपने मनपसंद कॉलेजों में सुबह 10.30 बसे पहुंचे और दोपहर 1 बजे तक ऑफलाइन आवेदन जमा किए। अपने मनपंसद कॉलेज में एडमिशन मिलेगा या नहीं इसलिए उन्होंने दौड़ भागकर अन्य विकल्प के तौर पर एक से ज्यादा कॉलेजों में भी जाकर आवेदन कर दिया। इन छात्रों का उन सभी कॉलेजों की सीट अलाॅटमेंट लिस्ट में नाम आ गया, जहां उन्होंने आवेदन किया। इसके बाद भी उसे अपने पंसदीदा कॉलेज में एडमिशन मिलने का अवसर नहीं मिल सका।
दस्तावेज सत्यापन की तारीख बढ़कर 9 नवंबर
दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार मेरिट के आधार पर सीट अलाॅटमेंट लिस्ट (प्रवेश) सूची 3 बजे चस्पा करनी थी और कॉलेज प्रबंधन को ईप्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फीस जमा करने के लिए सीट अलॉट करनी थी, ताकि वह उसी रात 12 बजे तक जमा कर सके, लेकिन छात्र का दो या दो से अधिक कॉलेजों में नाम आने के कारण उनमें से किसी एक ने पहले उसका नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर सीट अलाॅट कर दी। इसके कारण अन्य कॉलेज उसे सीट अलॉट नहीं कर सके।
कॉलेजों द्वारा इस मामले में विभाग को जानकारी दी गई। इसके कारण छात्र का नुकसान होना है। उधर, प्रदेशभर में गुरुवार को 10,988 और स्नातकोत्तर में 4,102 एडमिशन हुए हैं। जिन छात्रों को एडमिशन नहीं मिला है उन्हें शुक्रवार को दोबारा वही प्रक्रिया करनी होगी, जो उनके द्वारा गुरुवार की गई। उधर, कई छात्र 4 नवंबर तक दस्तावेज सत्यापन नहीं करा सके। इसलिए इसकी तारीख बढ़ाकर 9 नवंबर तय कर दी है।
जिन्हें प्रवेश नहीं मिला, उन्हें दोबारा रिपोर्टिंग कर आवेदन करना होगा
तकनीकी समस्या सामने आई है। इसे दूर किया जा रहा है। अधिकतर यह शिकायत उन्हीं स्थानों पर है जहां छात्र-छात्राओं के पास आप्शन अधिक है। िजनको एडमिशन नहीं मिला, उन्हें काॅलेज में जाकर दोबारा रिपोर्टिंग कर आवेदन जमा करना होगा।
-डॉ.धीरेंद्र शुक्ल, ओएसडी, उच्च शिक्षा विभाग
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