कटनी, एक तरफ जहां कोरोना वायरस की बीमारी से देश जूझ रहा है जिससे बेरोजगारी वा आर्थिक तंगी चरम सीमा पर हो गई है भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी सरकारी व प्राइवेट संस्था में कार्य करने वाले व्यक्ति को बाहर ना किया जाए ना ही उनके भुगतान रोके जाएं परंतु शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी के प्रभारी प्राचार्य डॉ .आर.के.गुप्ता के द्वारा जनभागीदारी शिक्षकों वा श्रमिकों को दिनांक - 0 1 .6.20 को नोटिस जारी कर आगामी आदेश तक के लिए बाहर कर दिया गया है जिससे शिक्षकों और श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है शिक्षकों व श्रमिकों के द्वारा उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है . जानकारी अनुसार वहीं एक तरफ एस.टी .एस.सी की छात्राओं को निशुल्क स्टेशनरी प्रदाय की जाने वाली मोटी राशि के बिल का भुगतान जनभागीदारी मद की राशि से कर दिया गया जबकि शासन इसके लिए बजट प्रदान करता है राशि का भुगतान शासकीय मद से ना किया जाकर जनभागीदारी से किया जाकर घोर अनियमितता एवं जनभागीदारी राशि का दुरुपयोग किया गया है ऐसे में अब शिक्षकों श्रमिकों को बाहर कर उनके मानदेय भुगतान में रोक लगा दी गई है, जिससे उनके समक्ष घोर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है शासकीय कन्या महाविद्यालय के शिक्षक एवं श्रमिक स्थानीय प्रशासन व उच्च शिक्षा विभाग से अपील किया है शिक्षकों को शासन के निर्णय का इंतजार है शिक्षकों का कहना है कि यदि हमारे अनुरोध निवेदन को स्वीकार नहीं किया गया तो स्थानीय प्रशासन के समक्ष आगे की कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे.






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